मुख्य पार्षद पर संकट! नामांकन में तथ्य छुपाने के आरोप से खड़गपुर नगर परिषद में हड़कंप
सबकी नजर जिला प्रशासन की रिपोर्ट और आयोग के अगले कदम पर टिकी .
राज्य निर्वाचन आयोग ने डीएम से मांगी रिपोर्ट, धारा-47 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा—राजनीतिक गलियारों में बढ़ी बौखलाहट
हवेली खड़गपुर
हवेली खड़गपुर नगरपालिका आम निर्वाचन 2022 से जुड़े एक परिवाद ने खड़गपुर नगर परिषद की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मुख्य पार्षद के नामांकन पत्र में तथ्य छुपाने के आरोप को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार ने जिला प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग के इस सख्त रुख से नगर परिषद के राजनीतिक गलियारों में बौखलाहट साफ नजर आ रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्राप्त शिकायत के आलोक में मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें नगर परिषद खड़गपुर के मुख्य पार्षद प्रभु शंकर द्वारा नामांकन पत्र में आवश्यक तथ्यों को पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं करने का मामला सामने आया है। यह शिकायत मुलुकटांड़ गांव की वार्ड संख्या-22 निवासी एवं पूर्व प्रत्याशी मनीषा कुमारी द्वारा दर्ज कराई गई थी
आयोग की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि मुख्य पार्षद पद से संबंधित नामांकन पत्र में तथ्यों को छुपाया गया है। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-47 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। आयोग ने जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी, मुंगेर को निर्देश दिया है कि मामले की समुचित जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आयोग के पत्र की प्रतिलिपि संबंधित पक्षों को भी भेजी गई है, ताकि वे अपने पक्ष में आवश्यक अभिलेख और तथ्य प्रस्तुत कर सकें। प्रशासनिक महकमे में इस निर्देश को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और माना जा रहा है कि जांच पूरी होते ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज हो सकती है।
इधर, आयोग की इस कार्रवाई के बाद वर्तमान मुख्य पार्षद की बेचैनी बढ़ गई है, वहीं नगर परिषद में सियासी तापमान चढ़ गया है। विपक्ष इसे बड़ी कार्रवाई का संकेत बता रहा है, जबकि समर्थकों में खलबली मची हुई है। अब सबकी नजर जिला प्रशासन की रिपोर्ट और आयोग के अगले कदम पर टिकी है।




