वन विभाग की कार्रवाई बेअसर, हवेली खड़गपुर में फिर सक्रिय हुए अवैध आरा मिल
कार्रवाई के बाद कुछ दिन शांत रहे हालात, अब चोरी-छिपे लकड़ी कटाई व चिराई शुरू, वन संपदा पर मंडरा रहा खतरा…
हवेली खड़गपुर वन क्षेत्र के अंतर्गत नगर एवं ग्रामीण इलाकों में वन विभाग की कार्रवाई के बावजूद अवैध आरा मिल संचालक बेखौफ नजर आ रहे हैं। हाल के दिनों में वन विभाग द्वारा कई अवैध आरा मिलों को ध्वस्त कर मशीनें जब्त की गईं और संबंधित संचालकों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। इसके बाद कुछ दिनों तक गतिविधियां थमी रहीं, लेकिन अब एक बार फिर चोरी-छिपे लकड़ी कटाई और चिराई का काम शुरू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार लड़ुई, कौड़िया, कटैया, संग्रामपुर सड़क किनारे, टेटिया बंबर समेत कई गांवों में घरों के अंदर और सुनसान जगहों पर अवैध आरा मिल संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीन-चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी और जुर्माना वसूली की ठोस कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबारियों का मनोबल बढ़ गया है। कुछ संचालक जब्त उपकरणों के बाद दोबारा नई आरा मशीनें मंगाने की तैयारी में भी लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निरंतर निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो अवैध कटाई का सिलसिला और तेज हो सकता है, जिससे वन संपदा के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
इस संबंध में वनों के क्षेत्रीय पदाधिकारी रॉबिन आनंद ने बताया कि विभाग अवैध आरा मिल को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। किसी भी मिल में लकड़ी का बोटा पाए जाने पर वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।



