मुंगेर|पीयूष कुमार प्रियदर्शी
मुंगेर में नकली सिगरेट बेचने वाले गिरोह के खुलासे के बाद इसका सीधा असर सिगरेट बाजार पर दिखने लगा है। पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद सिगरेट की आपूर्ति घट गई है, जिससे अब बाजार में सिगरेट ब्लैक में बिक रही है। लोकल दुकानदारों ने दाम बढ़ा दिए हैं और उपभोक्ताओं को महंगी सिगरेट खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
दुकानदारों के अनुसार, पहले साइकिल और छोटे वाहनों से आसानी से सिगरेट की सप्लाई हो जाती थी, लेकिन गिरोह के भंडाफोड़ के बाद सप्लाई लगभग ठप हो गई है। इसका नतीजा यह है कि गोल्ड फ्लैक, फ्लैक और कैप्सटन जैसे लोकप्रिय ब्रांड के दाम बढ़ गए हैं।
जहां पहले गोल्ड फ्लैक 10 से 12 रुपये में मिल जाती थी, अब कई इलाकों में 14 रुपये तक में बेची जा रही है। वहीं फ्लैक और कैप्सटन 12 रुपये प्रति सिगरेट तक पहुंच गई है। थोक विक्रेताओं को भी सीमित मात्रा में माल मिल रहा है, जिसके कारण छोटे दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

पुलिस ने नया गांव मोहल्ले में छापेमारी कर नकली सिगरेट के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। इस दौरान खाली और भरे सिगरेट डब्बों के साथ गोल्ड फ्लैक सिगरेट में इस्तेमाल होने वाले फिल्टर के 17 रॉल बरामद किए गए।
आईटीसी में कार्यरत एक कर्मी के अनुसार, एक फिल्टर रॉल की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये होती है। इस तरह जब्त किए गए 17 रॉल की कुल कीमत लगभग 25 लाख 17 हजार रुपये आंकी गई है।
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद आईटीसी प्रबंधन भी सतर्क हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, नवंबर महीने में फैक्ट्री में कार्यरत चार कर्मियों को नौकरी से निष्कासित किया गया है। जांच में सामने आया है कि आईटीसी फैक्ट्री से निकलने वाले कचरे की आड़ में सिगरेट का कागज और पैकिंग मटेरियल बाहर निकाला जाता था, जिससे नकली सिगरेट तैयार की जाती थी।
पूरबसराय काली ताजिया, वार्ड संख्या 24 में नकली सिगरेट बनाने और पैकिंग का काम होता था। इससे पहले भी यहां से मशीनें जब्त की जा चुकी हैं। मामले का मुख्य आरोपी अब भी फरार है।
25 दिसंबर को पुलिस ने दो सहोदर भाइयों समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था। नया गांव निवासी मो. अकबर पिछले तीन वर्षों से मुंगेर स्थित आईटीसी फैक्ट्री में वेंडर के रूप में कार्यरत था और अपने भाई मो. तौफीक के साथ मिलकर अवैध नकली सिगरेट का कारोबार चला रहा था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।



