
हवेली खड़गपुर
मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड अंतर्गत गंगटा पंचायत के दूधपनिया गांव में फ्लोराइड युक्त पानी पीने से फैले त्रासदी से दर्जनों ग्रामीण फ्लोरोसिस जैसी बीमारी से पीड़ित हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव के चापाकल और कुएं से निकलने वाले पानी में आयरन और फ्लोराइड की मात्रा अत्यधिक है, जिससे 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में पैर, कमर और पूरे शरीर में जकड़न, दर्द और कमजोरी की समस्या बढ़ती जा रही है। स्थिति गंभीर होने पर लकवा ग्रस्त होने की आशंका भी जताई जा रही है। महिलाएं, पुरुष और युवा बड़ी संख्या में इस बीमारी की चपेट में हैं।
मामला मीडिया में आने के बाद बुधवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज के नेतृत्व में जिला व प्रखंड स्तर के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी दूधपनिया गांव पहुंची। निरीक्षण टीम में अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह,हवेली खड़गपुर अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रोशन, बीडीओ प्रियंका कुमारी, सीओ जयप्रकाश, राजस्व पदाधिकारी आशीष यादव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुबोध कुमार, स्वास्थ्य विभाग प्रबंधक उमेश कुमार, जीविका बीपीएम अंजू कुमारी, आईसीडीएस, सामाजिक सुरक्षा व श्रम विभाग के पदाधिकारी शामिल थे।
जिलाधिकारी के दूधपनिया गांव पहुंचने पर ग्रामीण महिलाओं ने फूलमाला चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया। पारंपरिक मंदार की थाप ढोल झाल बजाकर संथाल नृत्य के साथ स्वागत हुआ। डीएम ने सबसे पहले पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी और हालात का जायजा लिया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने पीएचईडी विभाग द्वारा लगाए गए जलमीनार व टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि टंकी में फ्लोराइड फिल्टर यूनिट लगी हुई है, जिससे शुद्ध पानी की आपूर्ति की जा रही है।
वहीं जिन चापाकलों से फ्लोराइड युक्त पानी निकल रहा था, उन्हें तत्काल सील करने का आदेश दिया गया है। गांव में “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत शिविर लगाया गया,
प्राथमिक विद्यालय दुधपनिया में आयोजित प्रशासनिक कैंप में विभिन्न विभागों द्वारा वृद्धजन पेंशन, अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम कार्ड, उद्यमी योजना, मत्स्य पालन सहित कई योजनाओं के लिए आवेदन लिए गए। इस दौरान मुन्नी देवी को मात्र तीन घंटे में श्रम कार्ड बनाकर उपलब्ध कराया गया।
जिलाधिकारी ने गांव में नियमित साप्ताहिक कैंप लगाने, विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने, मृदा जांच, नए आंगनबाड़ी केंद्र, फुटबॉल मैदान एवं मोबाइल टावर की व्यवस्था के निर्देश भी दिए। आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिला की गोद भराई कराई गई तथा बच्चों के बीच चॉकलेट का वितरण किया गया। जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लाभुकों से आवेदन लिए गए।
जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को गांव में नियमित कैंप लगाने का निर्देश दिया गया है। सभी ग्रामीणों के ब्लड व यूरिन सैंपल लेकर जांच की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर इलाज किया जाएगा। गंभीर रूप से पीड़ित छह लोगों को बेहतर उपचार के लिए पटना भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
आवश्यकता पड़ने पर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि गांव की सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।



