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मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड एवं अनुषंगी कपंनियों में नवचयनित 2390 अभ्यर्थियों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र






मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य में पम्प्ड स्टोरज प्रोजेक्ट के अधिष्ठापन हेतु एकरारनामे पर किया गया हस्ताक्षर।

विद्युत भवन स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर (SLDC-State Load Dispatch Center) का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण किया।

पटना, 16 दिसम्बर 2025 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने विद्युत भवन में

दैनिक हिन्दी न्यूज|पटना

आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड एवं अनुषंगी कपंनियों में नवचयनित 2390 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इसमें 1810 तकनीशियन, 512 पत्राचार लिपिक तथा 68 भंडार सहायक कर्मी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से 03 अभ्यर्थियों- श्री सन्नी साकेत, श्री आशुतोष कुमार एवं श्री मोहित कुमार भट्ट को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नियुक्ति पत्र पानेवाले सभी अभ्यर्थियों को मैं बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। आप सभी से उम्मीद करता हूँ कि पूरी मेहनत और लगन से काम करेंगे तथा बिहार को और आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हमलोगों के द्वारा शुरू से ही युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2005 से वर्ष 2020 के बीच 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी। वर्ष 2020 में सात निश्चय-2 के तहत 10 लाख नौकरी एवं 10 लाख रोजगार देना तय किया गया था जिसके तहत हमलोगों ने 10 लाख नौकरी एवं 40 लाख रोजगार यानी कुल 50 लाख नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया। अब हमने तय किया है कि अगले पांच वर्ष में इसका दोगुना यानी एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध करायेंगे। सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है।



कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य में पम्प्ड स्टोरज प्रोजेक्ट के अधिष्ठापन हेतु एकरारनामे पर हस्ताक्षर किया गया। राज्य में ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा पम्प स्टोरेज पॉलिसी-2025 लागू की गई है। इस नीति के आधार पर बिहार स्टेट पॉवर जेनेरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा दो एजेंसियों मेसर्स ग्रीनको एवं मेसर्स सन पेट्रो का चयन किया गया है। ये दोनों परियोजनाएँ नवादा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं, जहाँ प्राकृतिक ऊँचाई का अंतर पम्प स्टोरेज व्यवस्था के लिए अनुकूल है। ग्रीनको द्वारा प्रस्तावित परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 7 हजार 308 मेगावाट तथा सनपेट्रो परियोजना की क्षमता 6 हजार 973 मेगावाट है। इस प्रकार दोनों परियोजनाओं की क्षमता 14 हजार 281 मेगावाट है।

इन दोनों परियोजनाओं से राज्य में 13 हजार करोड़ रूपये का निवेश होगा। परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 8 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से बिहार को नवीन ऊर्जा के एकीकरण, उच्चतम मांग प्रबंधन एवं ग्रिड स्थिरता बनाए रखने की अभूतपूर्व क्षमता प्राप्त होगी। इससे बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली प्राप्त होगी। राज्य सरकार की पम्प स्टोरेज नीति से शुरू हुई यह पहल भविष्य में बिहार को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के पूर्व विद्युत भवन स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर (SLDC-State Load Dispatch Center) का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

ज्ञातव्य है कि बिहार राज्य में सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्वित करने हेतु राज्य एवं राज्य के बाहर कार्यरत विद्युत उत्पादन केन्द्रों, संचरण कंपनियों एवं वितरण कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर (SLDC-State Load Dispatch Center) की स्थापना की गई है। विद्युत भवन, पटना के चौथी मंजिल पर स्थित यह केन्द्र राज्य में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए दिन-रात संचालित रहता है। इसमें प्रतिदिन तीन पालियों में संचरण एवं वितरण के विद्युत अभियंताओं के द्वारा राज्य के सभी बिजली उपकेन्द्रों के साथ समन्वय स्थापित कर बिजली की वास्तविक उपलब्धता एवं आवश्यकता के आधार पर पावर सिस्टम का संचालन सुनिश्चित किया जाता है।



पूर्वी क्षेत्र में बिहार इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने वाला प्रथम राज्य है। इससे राज्य के अंतर्गत ऊर्जा अंकेक्षण (Energy Accounting) में पारदर्शिता आयी और सटीक मीटर रिपोर्टिंग दर्ज की गई जिससे राज्य के ट्रांसमिशन लॉस तथा बिलिंग में सुधार हुआ।

राज्य में विद्युत उत्पादकों से क्रय की जानेवाली बिजली का समुचित उपयोग हो तथा राज्य के लोगों को लोड शेडिंग के कारण बिजली कटौती का कम से कम सामना करना पड़े, इसके लिए इस केन्द्र में एक नयी तकनीक ऑटोमेटेड सिस्टम बैलेंसिंग मेकेनिज्म (ASBM-Automated System Balancing Mechanism) को अधिष्ठापित किया गया है। इस प्रकार बिहार में विद्युत आपूर्ति की रियल टाईम मॉनिटरिंग की जा रही है। यह प्रणाली पूरे देश में प्रथम एवं एक नया प्रयोग है।

इस केन्द्र ने साईबर सुरक्षा में भी पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। साईबर सुरक्षा के मानदण्डों का अनुपालन करते हुए साईबर सिक्यूरिटी ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना विद्युत भवन प्रांगण में की गई है। यह देश का पहला केन्द्र है,

जो Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) के साथ लैस होकर 24X7 साईबर सुरक्षा हेतु कार्यरत है। गत वर्ष इसे देश के उत्कृष्ट केन्द्र के सम्मान से पुरस्कृत किया गया है।



कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, बिहार विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री आमिर सुबहानी, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार, साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री महेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं नियुक्ति पत्र प्राप्त करनेवाले नवचयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।

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