Homeक्राइमवरीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मुंगेर में तीन कुख्यात नक्सलियों का...

वरीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मुंगेर में तीन कुख्यात नक्सलियों का आत्मसमर्पण

वरीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में छोड़ा हिंसा का रास्ता


डीजीपी विनय कुमार, एडीजी कुंदन कृष्णन और एसटीएफ एसपी संजय सिंह के समक्ष इनामी जोनल कमांडर नारायण कोड़ा व बहादुर कोड़ा सहित तीन नक्सली मुख्यधारा में लौटे


हवेली खड़गपुर /पीयूष कुमार प्रियदर्शी

मुंगेर जिला में नक्सल उन्मूलन अभियान को रविवार को बड़ी सफलता मिली, जब भाकपा (माओवादी) के तीन कुख्यात नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। खड़गपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आर.एस.के. मैदान परिसर में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम में बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) कुंदन कृष्णन, एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक संजय सिंह, मुंगेर पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद और वरीय पदाधिकारी तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

आत्मसमर्पण करने वालों में तीन-तीन लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर नारायण कोड़ा (निवासी–पैसरा, थाना लडैयाटांड़, मुंगेर), सब-जोनल कमांडर बहादुर कोड़ा (निवासी–बघेल, थाना हवेली खड़गपुर, मुंगेर) और दस्ता सदस्य विनोद कोड़ा उर्फ बिनो कोड़ा (निवासी–शीतला कोड़ासी, थाना कजरा, जिला लखीसराय) शामिल हैं। नारायण कोड़ा और बहादुर कोड़ा लंबे समय से कई संगीन नक्सली मामलों में फरार चल रहे थे और दोनों पर सरकार द्वारा इनाम घोषित था।



आत्मसमर्पण के दौरान नारायण और बहादुर कोड़ा ने पुलिस के समक्ष दो इंसास राइफल, चार एसएलआर राइफल, लगभग 500 चक्र कारतूस और दस वॉकी-टॉकी भी सौंपे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुंगेर पुलिस और एसटीएफ के सतत अभियान, क्षेत्र में बढ़ते जनसहयोग तथा राज्य सरकार की आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग छोड़ने का निर्णय लिया।

आत्मसमर्पण के बाद बिहार सरकार और जिला प्रशासन की ओर से नक्सलियों और उनके परिवारों को कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सरकार द्वारा घोषित इनाम की राशि तीन लाख रुपये, आत्मसमर्पण पर 2.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि, 36 माह तक प्रतिमाह 10 हजार रुपये के हिसाब से 3.60 लाख रुपये का रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भत्ता तथा हथियार समर्पण पर 1.11 लाख रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त पुनर्वास नीति के तहत भविष्य में अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बिहार में नक्सलवाद दशकों तक एक गंभीर समस्या रहा है। दुर्गम पहाड़ी और जंगली इलाकों के कारण विकास कार्यों में विलंब हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार की विकास योजनाओं, प्रशासन की संवेदनशीलता और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हालात तेजी से बदले हैं। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण की यह घटना साबित करती है कि अब लोग मुख्यधारा से जुड़कर विकास का लाभ लेना चाहते हैं।

RELATED ARTICLES
Munger
overcast clouds
28.1 ° C
28.1 °
28.1 °
80 %
2.9kmh
100 %
Wed
28 °
Thu
35 °
Fri
36 °
Sat
36 °
Sun
36 °

Most Popular

error: Content is protected !!