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असरगंज के बेलारी के ऋषि पर आया फिलीपींस की ‘सारा’ का दिल; पंचमुखी नाथ महादेव मंदिर में रचाई शादी, लिए सात फेरे..पैर छूकर लिया पति का आशीर्वाद

सरहदों से परे मोहब्बत — फेसबुक से शुरू हुई कहानी, सात फेरों तक पहुंची


फेसबुक से शुरू हुआ प्यार शादी में बदला, फिलीपींस की युवती बनी सुल्तानगंज की बहू

9 साल से चल रहा प्यार परवान चढ़ा

हिंदू रीति से शादी कराई , युवती के माता-पिता ने शपथ पत्र के जरिए सहमति दी

यह प्रेम कहानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक से शुरू होकर करीब नौ वर्षों बाद शादी के मुकाम तक पहुंची।


मुंगेरकहते हैं प्यार ना भाषा देखता है, ना दूरी। इसे सच कर दिखाया सुल्तानगंज के ऋषि कुमार और फिलीपींस की सारा पाउलीन क्रूज केरियेजा ने। हजारों किलोमीटर की दूरी, अलग संस्कृति और अलग देश—इन सबके बावजूद दोनों का प्यार नौ साल तक कायम रहा और आखिरकार शादी के बंधन में बंध गया।
कहानी की शुरुआत वर्ष 2017 में फेसबुक से हुई। एक साधारण फ्रेंड रिक्वेस्ट से चैटिंग ने बातचीत का रूप लिया और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आते गए। समय के साथ यह रिश्ता दोस्ती से बढ़कर प्यार में बदल गया। हालांकि दूरी बड़ी थी, लेकिन भरोसा और समझ उससे भी ज्यादा मजबूत।
ऋषि कुमार, जो भागलपुर में एक पेंट कंपनी में टेक्निकल एसोसिएट हैं, ने अपने प्यार को हकीकत में बदलने के लिए 2025 में फिलीपींस का सफर तय किया। वहां सारा के परिवार से मुलाकात हुई, उनके साथ समय बिताया और शादी का प्रस्ताव रखा। परिवार की सहमति मिलने के बाद दोनों ने जिंदगी साथ बिताने का फैसला कर लिया।


फिर दोनों के बीच चैटिंग के माध्यम से नजदीकियां बढ़ने लगीं। 20 मई, 2025 को ऋषि डेढ़ लाख रुपए खर्च कर वीजा-पासपोर्ट बनवाकर युवती से मिलने फिलीपींस गया। 21 मई को वहां के एनएआईए एयरपोर्ट पर उसे रिसीव करने युवती पहुंची और अपने घर ले गई। 12 दिन तक युवक उसके परिवार वालों के साथ रहा। फिर शादी करने का प्रस्ताव रखा।


फिर वह दिन आया जब सारा भारत पहुंचीं। हवेली खड़गपुर के ऐतिहासिक बाबा पंचमुखी नाथ महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए। विदेशी दुल्हन लाल जोड़े में सजी-धजी भारतीय परंपरा में पूरी तरह रंगी नजर आई। मंदिर परिसर में यह अनोखी शादी देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
सारा ने शादी के बाद कहा कि भारतीय संस्कृति और यहां के लोग उन्हें बेहद पसंद आए हैं। वहीं ऋषि के परिवार में भी खुशी का माहौल है। माता-पिता ने वीडियो कॉल के जरिए अपनी सहमति दी और शपथपत्र के माध्यम से इस रिश्ते को मंजूरी दी।विदेशी दुल्हन बोली-भारतीय संस्कृति समृद्ध, यहां के लोग भी अच्छे है।

मंदिर के पुजारी ने पंचमुखी नाथ को साक्षी मानकर विवाह संपन्न कराया। इस अनोखी शादी को देखने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे रहे। विदेशी दुल्हन पारंपरिक लाल जोड़े में बेहद खुश नजर आई और भारतीय संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि यहां की सभ्यता और लोग उन्हें बेहद पसंद आए।
ऋषि कुमार ने बताया कि शादी की पूरी प्रक्रिया में करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार विदेशी बहू के घर आने से बेहद खुश है। यह अनोखा प्रेम विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया से शुरू हुई इस कहानी को लोग सच्चे प्यार की मिसाल मान रहे हैं।

यह कहानी सिर्फ एक शादी की नहीं, बल्कि भरोसे, धैर्य और सच्चे प्यार की मिसाल है—जो यह साबित करती है कि जब इरादे मजबूत हों, तो दूरियां भी रिश्तों को नहीं रोक पातीं।

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