पीयूष कुमार प्रियदर्शी | टेटिया बंबर
प्रखंड के रामचरित्र मैदान स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय परिसर में रविवार को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श मॉडल स्कूल) का भव्य शुभारंभ किया गया। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विकसित इस मॉडल स्कूल का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से राज्यभर के 551 मॉडल स्कूलों के साथ वर्चुअल माध्यम से किया। इसके बाद टेटिया बंबर में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उद्घाटन शिलापट्ट से पर्दा हटाकर विद्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह को लेकर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद विद्यालय के मुख्य द्वार पर फीता काटकर तथा नारियल फोड़कर मॉडल स्कूल का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में पहुंचे सभी अतिथियों का फूल-माला, अंगवस्त्र एवं एक-एक पौधा भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री का लाइव संबोधन भी सुना। इसी के साथ विद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई।
सरकार की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरस्वती विद्या निकेतन के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं सहित बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। सभी विषयों के दक्ष शिक्षकों की तैनाती की जाएगी तथा नामांकन प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।










इन मॉडल स्कूलों में नियमित पढ़ाई के साथ नीट, जेईई एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। वहीं पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल कक्षाओं का संचालन भी किया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम के लिए अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी हरेंद्र कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया था।
इस अवसर पर एसडीएम राजीव रौशन, बीडीओ निशा राय, प्रखंड प्रमुख निर्मला देवी, एपीओ हुलास, सीईओ अर्चना कुमारी, मुखिया निरंजन निषाद, प्रधानाध्यापक महेंद्र नारायण सिंह , शिक्षक संतोष कुमार, गिरीश कुमार सहित कई पदाधिकारी, शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सरस्वती विद्या निकेतन की शुरुआत को क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत बताते हुए इसे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।



