परियोजना पूरी होने पर हजारों एकड़ कृषि भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा, किसानों की आय बढ़ाने और जल प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
मुंगेर। पीयूष कुमार प्रियदर्शी

मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित महत्वाकांक्षी सिंधवरिणी जलाशय परियोजना का रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण कर विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलाशय, मुख्य बांध, नहर प्रणाली तथा परियोजना से जुड़ी विभिन्न संरचनाओं का अवलोकन किया और अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी स्थिति एवं सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि भविष्य में किसानों को परियोजना का अधिकतम लाभ मिल सके। साथ ही निर्माण में आ रही बाधाओं के त्वरित समाधान के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सिंधवरिणी जलाशय परियोजना को मुंगेर एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद हजारों एकड़ कृषि भूमि को नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम होगी, सालभर खेती के लिए पर्याप्त जल मिलेगा तथा जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। किसान धान और गेहूं के अलावा दलहन, तिलहन, सब्जी एवं बागवानी जैसी नकदी फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर कर सकेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्थानीय किसानों ने भी परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए उम्मीद जताई कि इसके पूरा होने से सिंचाई की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा और पूरे इलाके के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।





