

रिपोर्ट: सोनू कुमार पत्रकार(बिहार)
पटना: बिहार पुलिस मुख्यालय ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। 32 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अलग-अलग जिलों का नोडल प्रभारी बनाया गया है।
एडीजी से डीआईजी तक को जिम्मेदारी
इस सूची में एडीजी, आईजी और डीआईजी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इनमें 8 अधिकारियों को दो-दो जिलों का प्रभार दिया गया है, जबकि बाकी 24 को एक-एक जिला सौंपा गया है।
पटना की जिम्मेदारी नैयर खान को
एडीजी नैयर हसनैन खान को पटना का प्रभार दिया गया है। वहीं आईजी संजय कुमार को मुजफ्फरपुर और एडीजी रविंद्रण शंकरण को गया की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भागलपुर-नवगछिया भी शामिल
आईजी प्रेमलता एस को भागलपुर और नवगछिया का प्रभार मिला है। इस नई व्यवस्था में प्रमुख जिलों पर अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया गया है।
पिछले साल से लागू है व्यवस्था
पुलिस मुख्यालय ने यह प्रणाली पिछले वर्ष लागू की थी। इसके तहत वरिष्ठ अधिकारी जिलों का दौरा कर कार्यों की समीक्षा करते हैं और रिपोर्ट डीजीपी को सौंपते हैं।
तबादलों के बाद नई सूची जारी
बीते एक साल में हुए तबादलों और जिम्मेदारियों में बदलाव के बाद अब नई सूची जारी की गई है। इसका उद्देश्य पुलिसिंग को और प्रभावी बनाना है।
डेढ़ दर्जन बिंदुओं पर होगी समीक्षा
नोडल अधिकारी जिलों में कानून-व्यवस्था, लंबित कांड, स्पीडी ट्रायल, अनुसंधान और थानों की कार्यप्रणाली जैसे करीब 18 बिंदुओं पर समीक्षा करेंगे।
हर महीने देनी होगी रिपोर्ट
अधिकारियों को अपने निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हर महीने डीजीपी को सौंपनी होगी। इसमें उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी भी शामिल होगी।
जनता दरबार और निगरानी पर जोर
इस व्यवस्था में जनता दरबार की समीक्षा और पुलिस-जन संवाद को भी अहम महत्व दिया गया है, ताकि आम लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।
पुलिसिंग में सुधार की उम्मीद
नई व्यवस्था से राज्य में पुलिसिंग को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे जिलों में जवाबदेही बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।



