अनुमंडल कार्यालय के भूतल पर होगा न्यायालय व संबंधित कार्यालयों का संचालन, डीएम और प्रधान न्यायाधीश ने किया स्थल निरीक्षण
हवेली खड़गपुर।
हवेली खड़गपुर अनुमंडल में अनुमंडल न्यायालय के शीघ्र संचालन की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर और माननीय प्रधान न्यायाधीश ने संयुक्त रूप से अनुमंडल कार्यालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान न्यायालय के संचालन के लिए उपलब्ध आधारभूत संरचना, कार्यालय कक्षों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद अनुमंडल कार्यालय भवन के भूतल पर अनुमंडल न्यायालय और न्यायालय से संबंधित कार्यालय कक्षों का संचालन करने पर सहमति बनी।







प्रशासन की इस पहल से न्यायालय का कामकाज शुरू करने के लिए तत्काल आवश्यक आधारभूत सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को न्यायालय संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक तैयारियां शीघ्र पूरी कर हवेली खड़गपुर में अनुमंडल न्यायालय की सेवा प्रारंभ करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
स्थायी भवन के लिए पांच एकड़ जमीन का भी निरीक्षण
इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार, डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने विधिज्ञ परिसर के समीप न्यायालय के स्थायी भवन के लिए आवंटित पांच एकड़ भूमि का भी निरीक्षण किया। स्थायी न्यायालय भवन निर्माण से संबंधित नक्शा, निविदा और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान विधिज्ञ परिसर के लिए संभावित स्थल का भी जायजा लिया गया। विचार-विमर्श के बाद वर्तमान में विधिज्ञ परिसर को उसके निर्धारित स्थल पर ही संचालित रखने का निर्णय लिया गया। न्यायालय और विधिज्ञ परिसर से संबंधित व्यवस्थाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
40 किलोमीटर दूर मुंगेर जाने से मिलेगी राहत
हवेली खड़गपुर में अनुमंडल न्यायालय शुरू होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में न्यायिक कार्यों के लिए लोगों को करीब 40 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय मुंगेर जाना पड़ता है। खासकर ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों के लोगों को इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों उठाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर न्यायालय शुरू होने से लोगों को न्यायिक सेवाएं अधिक सुलभ हो सकेंगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गपुर क्षेत्र के दौरे के दौरान अनुमंडल में व्यवहार न्यायालय की स्थापना और शीघ्र संचालन का भरोसा दिया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हुई हैं। निरीक्षण के मौके पर एसपी सैयद इमरान मसूद सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे।



