हवेली खड़गपुर /पीयूष कुमार प्रियदर्शी
ऑल इंडिया जन अधिकार सुरक्षा कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को संथाल विद्रोह के महानायक शहीद कान्हू मुर्मू का 170वां शहादत दिवस मंदारे स्थित मूर्ति स्थल पर मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्जुन सोरेन ने की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने “कान्हू मुर्मू अमर रहे”, “23 फरवरी शहादत दिवस जिंदाबाद” और “वन संरक्षण कानून 2023 वापस लो” जैसे नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए कमेटी के बिहार राज्य प्रभारी रमन सिंह ने कहा कि 23 फरवरी 1856 को ब्रिटिश शासन ने कान्हू मुर्मू को भोगनाडी में फांसी दे दी थी। उन्होंने बताया कि संथाल परगना क्षेत्र में जमींदारों व महाजनों के शोषण के खिलाफ हुए हूल विद्रोह में लगभग 50 हजार लोग शामिल हुए थे, जिनमें 30 हजार से अधिक ने शहादत दी।
वक्ताओं ने मांग की कि आदिवासियों के संघर्ष को पाठ्यपुस्तकों में स्थान दिया जाए, वन संरक्षण कानून 2023 को वापस लिया जाए तथा जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम में संजय सोरेन, गणेश सोरेन, गोविंद बेसरा, रघुवीर मरांडी समेत कई लोग मौजूद थे।
कान्हू मुर्मू के 170वें शहादत दिवस पर समारोह, वन संरक्षण कानून वापस लेने की उठी मांग
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