रिपोर्ट उमेश कुमार,,शेखपुरा (बिहार)
जिले में बढ़ती गर्मी और आगामी पेयजल संकट की संभावनाओं को देखते हुए मंगलवार को अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. उक्त बैठक में मुख्य रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर मंथन किया गया. बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित किया जाय. उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि नल-जल योजना अंतर्गत जहां भी पाइप लाइन फटी है या लीकेज है, उसे तुरंत ठीक किया जाए.साथ ही जिन वार्डों में मोटर या स्टार्टर खराब होने के कारण जलापूर्ति ठप है, उन्हें युद्धस्तर पर मरम्मत कराकर चालू किया जाए. जिले के बंद पड़े सभी सरकारी चापाकालों को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए.
समीक्षा में यह पाया गया कि कुछ वार्डों में अभी भी पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है. अपर समाहर्ता ने “छूटे हुए वार्डों” को चिन्हित कर वहां जल्द से जल्द जलापूर्ति शुरू करने का आदेश दिया. अपर समाहर्ता ने अधिकारियों को हिदायत दिया कि संवेदकों के कार्यों की नियमित निगरानी करें.उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.गर्मी के मौसम में आम जनता को पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी. पेयजल और आपदा प्रबंधन की इस अहम बैठक में प्रशासनिक अमले के साथ तकनीकी टीम भी मौजूद रही, जिनमें मुख्य रूप से भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार,सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सौरव सत्यम,पीएचईडी के सभी सहायक अभियंता,सभी कनीय अभियंता उपस्थित रहे.बैठक के अंत में अपर समाहर्ता ने सभी अभियंताओं को फील्ड विजिट करने और शिकायतों का त्वरित निवारण करने का टास्क सौंपा.
खराब चापाकालों और नल-जल योजनाओं को तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश
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