रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी(बिहार)
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को ‘संकल्प सभागार’ में योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम ने केंद्र के नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में भी एक आयोग बनाने का ऐलान किया जो राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए विजन तैयार करेगा।
सीएम के 6 बड़े ऐलान:
1. बिहार विकास आयोग: नया आयोग साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, विकास योजनाओं की निगरानी, विभागों में समन्वय और नीतिगत सुझाव देगा।




2. विधायकों के लिए पोर्टल: जनप्रतिनिधियों की योजनाओं के संचालन और पारदर्शिता के लिए विधायकों-MLC के लिए समर्पित पोर्टल बनेगा। इससे योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।
3. हर जिले का अपना बजट: प्रत्येक जिले की अपनी बजट योजना बनेगी ताकि स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के हिसाब से संसाधन खर्च हों।
4. 2037 का विजन: 2037 में बिहार स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा। तब तक विकसित बिहार की स्पष्ट परिकल्पना और दीर्घकालिक विकास दृष्टि तैयार की जाए।
5. कब्रिस्तान घेराबंदी तेज: संवेदनशील स्थलों की सूची बनाकर कब्रिस्तान घेराबंदी योजना का काम शीघ्र पूरा कराने और नियमित निगरानी के निर्देश।
6. मौसम सूचना व्हाट्सएप पर: मौसम का पूर्वानुमान सांसद, विधायक, मुखिया, DM, DDC तक मैसेज और व्हाट्सएप से समय पर पहुंचाया जाए।
किन योजनाओं की समीक्षा हुई:
बैठक में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, पंचायत सरकार भवन निर्माण और कब्रिस्तान घेराबंदी योजना समेत अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति देखी गई। अपर मुख्य सचिव डॉ एन० विजयालक्ष्मी ने प्रेजेंटेशन दिया।
सीएम ने कहा:
योजना विभाग का काम सिर्फ योजना बनाना नहीं, बल्कि प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मूल्यांकन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। आकांक्षी जिलों समेत सभी जिलों के संतुलित विकास के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्लान बने। हर प्रखंड के लिए भी दीर्घकालिक विकास कार्ययोजना तैयार हो।
बैठक में योजना मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, प्रधान सचिव दीपक कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।



