रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी(बिहार)
बोधगया/पटना: बिहार में अपराध से जुड़े मामलों के तेज निपटारे के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह ऐलान किया।
सीएम के 7 बड़े ऐलान:
1. 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट: अपराध के मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
2. राज्य स्तरीय सहयोग शिविर: अब हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर लगेगा। इसमें वे लोग शामिल होंगे जो प्रखंड स्तर के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं।
3. 30 दिन में निष्पादन: सहयोग कार्यक्रम के तहत आवेदन का 30 दिन में निपटारा होगा। न करने पर 31वें दिन अधिकारी को निलंबन का आदेश जाएगा।




4. AI-तकनीक का इस्तेमाल: नए कानूनों के क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक का अधिकतम उपयोग होगा।
5. 112 सेवा होगी तेज: आपातकालीन सेवा 112 का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट से घटाकर 7-8 मिनट किया जाएगा।
6. थाने होंगे हाईटेक: थानों को CCTV, डिजिटल उपकरण और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से लैस किया जा रहा है। फॉरेंसिक लैब और मोबाइल फोरेंसिक वैन मजबूत की गई हैं।
7. शिक्षा पर फोकस: इसी माह 211 नए डिग्री कॉलेज और 534 मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन पर काम तेज है।
‘न्याय के साथ विकास’:
CM ने कहा कि बिहार की पहचान ‘न्याय के साथ विकास’ की रही है। नए कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का जनहितकारी क्रियान्वयन इस भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और कार्यपालिका सहयोगी बनेंगे तो काम अच्छा होगा।
सम्मेलन में कौन-कौन:
सम्मेलन बिपार्ड और बिहार न्यायिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एन० कोटिश्वर सिंह, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, एडवोकेट जनरल सत्यदर्शी संजय समेत कई अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रमंडलीय आयुक्त, IG, DIG भी जुड़े।



