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भारत ने ओमान तट पर एक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की



सोनू कुमार पत्रकार

दिल्ली: भारत ने ओमान तट पर पलाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई। नई दिल्ली में अंतर-मंत्रालयी मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस संबंध में सरकार ने अमरीका के प्रभारी राजदूत को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज किया। श्री जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। सरकार ने ऐसी घटनाओं को तुरंत रोकने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया।

खाड़ी क्षेत्र के अपर सचिव असीम आर. महाजन ने कहा कि सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया में स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र के सभी दूतावास और वाणिज्य दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन चलाकर स्थानीय अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे हैं। श्री महाजन ने बताया कि 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे जहाज एमटी मारिवेक्स को इस महीने की 8 तारीख को ओमान के तट पर निशाना बनाया गया था। उन्होंने बताया कि सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उनके जल्द ही भारत लौटने की उम्मीद है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों से जुड़ी हालिया घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। श्री मंगल ने कहा कि मंत्रालय मृतकों के परिवारों के संपर्क में है और उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। नाविक कल्याण कोष समिति को प्रत्येक मृतक नाविक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि ओमान के शिनास बंदरगाह के पास गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले बिटुमेन टैंकर एमटी जलवीर के साथ एक समुद्री सुरक्षा घटना घटित हुई। जहाज पर 20 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं और बचाव अभियान जारी है।

उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि देश में उर्वरकों का कुल भंडार स्थिर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न देशों से कच्चे माल और तैयार उर्वरक प्राप्त करने के लिए संयुक्त उद्यमों और विदेशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से सक्रिय भागीदारी सहित कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों ने लगभग 11 लाख 38 हजार मीट्रिक टन जैविक खाद और अन्य उर्वरक खरीदे हैं। साथ ही, भारत ने ओमान, मलेशिया, वियतनाम, रूस, मिस्र और नीदरलैंड जैसे देशों से यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में उर्वरक सुरक्षा मजबूत बनी हुई है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति स्थिर है और घरेलू रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में एक करोड़ 40 लाख एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग हुई है, जबकि एक करोड़ 49 लाख सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं। इसी अवधि में लगभग 22 हजार तीन सौ 40 टन व्यावसायिक एलपीजी की बिक्री हुई। उन्होंने बताया कि मार्च से अब तक 9 लाख 42 हजार एलपीजी कनेक्शनों को गैसयुक्त किया जा चुका है, जबकि 3 लाख 12 हजार अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। लगभग 9 लाख 44 हजार नए उपभोक्ताओं का पंजीकरण भी हुआ है। वहीं, प्रवर्तन कार्रवाई के बारे में उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में 225 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं, दो एफआईआर दर्ज की गई हैं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में तेल विपणन कंपनियों ने डीलरों को 291 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, 14 मामलों में जुर्माना लगाया है और 461 डीलरों को निलंबित किया है। संयुक्त सचिव ने नागरिकों को घबराकर खरीदारी से बचने और ईंधन के वैकल्पिक स्रोतों को अपनाने का आह्वान किया।

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