रिपोर्ट: जया कुमारी,पटना(बिहार)
पटना: मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को लोकसेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ट्यूबवेल, तालाब, आहर, पईन और पोखर के रख-रखाव को लेकर समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजकीय नलकूपों के रख-रखाव और संचालन की जिम्मेदारी लघु जल संसाधन विभाग को सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल हर हाल में फंक्शनल रहें ताकि मॉनसून की अनिश्चितता में किसानों को पटवन में दिक्कत न हो।
CM के मुख्य निर्देश:
1. वार्ड लेवल पर बने मैनेजमेंट कमिटी – नलकूपों के संचालन और रख-रखाव के लिए वार्ड स्तर पर कमिटी गठित हो जो बेहतर ढंग से काम करे।
2. हर खेत तक पानी पहुंचे– सिंचाई किसानों के लिए जरूरी है। हर खेत तक पानी पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम हो ताकि कृषि कार्य में दिक्कत न आए।
3. विभागों में समन्वय– लघु जल संसाधन, पर्यावरण-वन-जलवायु परिवर्तन और पंचायती राज विभाग आपस में समन्वय बनाकर काम करें।
4. पंचायती राज विभाग बनाए इंजीनियरिंग सेल – पंचायत स्तर पर तकनीकी और निर्माण कार्य बेहतर हो, इसके लिए पंचायती राज विभाग में अभियंताओं की बहाली और इंजीनियरिंग सेल बने।
5. गांव के बाहर के नाले न ढकें – ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के बाहर बहने वाले नालों को ढकने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाब, आहर, पईन और पोखर की भी सिंचाई में बड़ी भूमिका है, इनका रख-रखाव भी बेहतर ढंग से हो। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।
बैठक में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, सचिव मनोज कुमार सिंह और बी. कार्तिकेय धनजी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बिहार: राजकीय नलकूपों का रख-रखाव अब लघु जल संसाधन विभाग करेगा, सीएम ने दिए निर्देश
Munger
overcast clouds
29.5
°
C
29.5
°
29.5
°
74 %
1.8kmh
96 %
Fri
37
°
Sat
33
°
Sun
31
°
Mon
31
°
Tue
27
°



