रिपोर्ट: नरेश अग्रवाल,पटना(बिहार)
पटना: बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार 60.21% का Credit-Deposit Ratio (CD Ratio) हासिल कर नया कीर्तिमान रच दिया है। यह जानकारी आज विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक में दी गई।
विकास आयुक्त ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश गतिविधियों और बैंकिंग प्रणाली में बढ़ते विश्वास का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार, बैंकों और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का नतीजा है।
बैंकिंग आंकड़े
– कुल जमा राशि: ₹6,15,428 करोड़
– कुल ऋण वितरण: ₹3,70,563 करोड़
– पिछले साल की तुलना में जमा में ₹51,983 करोड़ और ऋण में ₹37,882 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।
2018-19 में बिहार का CD Ratio 44.09% था, जो अब बढ़कर 60.21% हो गया है। कृषि, MSME, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप और ग्रामीण विकास में ऋण प्रवाह बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
KCC और सहयोग शिविर पर फोकस
विकास आयुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड के समय पर वितरण और नवीनीकरण को सरल बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि 19 मई से शुरू होने वाले “सहयोग शिविर” में हर 15 दिन पर KCC आवेदन, नवीनीकरण और बैंकिंग समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्ड को “जन समर्थ” पोर्टल से जोड़ा जाएगा ताकि डिजिटल और पारदर्शी तरीके से ऋण मिल सके।
सर्वाधिक और सबसे कम CD Ratio वाले बैंक
_सबसे ज्यादा_:
1. स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक – 168.78%
2. बंधन बैंक – 153.32%
3. बैंक ऑफ महाराष्ट्र – 145.72%
4. HDFC बैंक – 95.87%
5. कोटक महिंद्रा बैंक – 95.57%
_सबसे कम_:
1. इंडियन ओवरसीज बैंक – 42.20%
2. IDBI बैंक – 43.47%
3. SBI – 43.63%
4. बैंक ऑफ इंडिया – 43.73%
5. PNB – 44.57%
विकास आयुक्त ने कम CD Ratio वाले बैंकों को कृषि, MSME और प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने का निर्देश दिया।
बैठक में SLBC प्रतिनिधि, विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बिहार ने पहली बार 60% से अधिक CD Ratio हासिल किया, 60.21% पर पहुंचा रिकॉर्ड
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