👉अपर समाहर्ता संजय कुमार ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ | बड़े होटल-स्कूल को परिसर में ही निपटाना होगा गीला कचरा | 31 अक्टूबर तक हटेंगे सभी पुराने डंपसाइट
रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा(बिहार)
शेखपुरा: शहर को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए शेखपुरा नगर परिषद ने ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026’ लागू कर दी है। गुरुवार को मंथन सभागार में अपर समाहर्ता संजय कुमार की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कचरे का वैज्ञानिक वर्गीकरण अनिवार्य
अपर समाहर्ता ने बताया कि नई नियमावली के तहत अब हर घर और संस्थान को कचरा चार श्रेणियों में बांटकर देना होगा:
1. हरा डिब्बा – गीला कचरा: रसोई का कचरा, फल-सब्जी के छिलके, बागवानी का कचरा। इससे खाद या बायोगैस बनाई जाएगी।
2. नीला डिब्बा – सूखा कचरा: कागज, गत्ता, प्लास्टिक, कांच और धातु। इन्हें रीसायकल के लिए भेजा जाएगा।
3. लाल डिब्बा – दूषित कचरा: डायपर, सैनिटरी पैड, मास्क। इन्हें कागज में लपेटकर देना अनिवार्य होगा।
4. काला डिब्बा – खतरनाक कचरा: पुरानी बैटरी, ट्यूब लाइट, कीटनाशक के डिब्बे, ई-वेस्ट। इनमें हानिकारक रसायन होते हैं।
बड़े संस्थानों पर सख्ती
नियमावली में होटल, अस्पताल, स्कूल और बड़े संस्थानों के लिए विशेष प्रावधान हैं। यदि किसी संस्थान का क्षेत्रफल 20,000 वर्ग मीटर से अधिक है, 100 किलो/दिन से ज्यादा कचरा निकलता है, या पानी की खपत 40,000 लीटर/दिन से अधिक है, तो उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। ऐसे संस्थानों को गीला कचरा परिसर के भीतर ही खाद या बायोगैस के माध्यम से निपटाना होगा और हर साल 30 जून तक वार्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी।
31 अक्टूबर तक हटेंगे डंपसाइट, जुर्माने का प्रावधान
नगर परिषद ने पुराने डंपसाइट्स को हटाने के लिए 31 अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय की है। कचरा बीनने वालों को मुख्यधारा में जोड़कर सम्मानजनक काम दिलाया जाएगा। अपर समाहर्ता ने शहरवासियों से अपील की कि कचरा न जलाएं और न ही खुले में फेंकें। नियम तोड़ने पर पहले चेतावनी, फिर जुर्माना और पर्यावरण मुआवजे के तहत कार्रवाई होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शेखपुरा, बरबीघा, चेवाड़ा और शेखोपुरसराय नगर निकायों के सभापति, उपसभापति, कार्यपालक पदाधिकारी, सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर और कर्मी मौजूद रहे।



