रिपोर्ट: नरेश अग्रवाल(बिहार)
पटना: गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर रविवार देर रात पहले बैठा और फिर ध्वस्त होकर गंगा में समा गया। घटना रविवार रात 11:55 बजे पिलर के बैठने से शुरू हुई और रात 1:07 बजे उसके पूरी तरह गिरने के साथ स्थिति गंभीर हो गई।
समय रहते खाली कराया गया इलाका, टला बड़ा हादसा
पिलर में गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही सेतु पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद प्रभावित हिस्से और आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया गया। इसी वजह से जब स्लैब ध्वस्त हुआ तो उसके साथ कोई वाहन नीचे नहीं गिरा। इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
कुछ मिनटों में बिगड़ी स्थिति
भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु के भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसाव होने के बाद करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
रविवार तीन मई की रात 11:50 बजे सस्पेंशन में गैप देखा गया।
इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ती गई।
रात 12:10 बजे यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का आकलन शुरू किया।
12:15 बजे एहतियातन पुल पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।
रात 12:50 बजे पुल का करीब 33 मीटर हिस्सा टूटकर गंगा नदी में समा गया।


इंजीनियरों ने बताई क्षति की गंभीरता
पुल निर्माण से जुड़े इंजीनियरों के अनुसार लगभग 33 मीटर हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस क्षति के कारण पुल को फिलहाल दुरुस्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। अधिकारियों का कहना है कि इसे ठीक करने में कम से कम 15 से 20 दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही यातायात बहाल किया जा सकेगा।
बताते चलें कि भागलपुर DM नवल किशोर चौधरी ने कहा, “रात के करीब 12:35 के आसपास पीलर नंबर 133 के पास एक स्लैब धंसना शुरू हुआ। हमारे स्थानीय अधिकारी और SHO के सूझ-बूझ से लोगों को वहां से बाहर निकाला गया। जैसे ही लोगों को बाहर निकाला गया ठीक 15 मिनट के अंदर एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया। उस स्लैब पर कोई गाड़ी नहीं थी। भागलपुर और नवगछिया की तरफ से पुल को सील कर दिया गया है। आवागमन बंद कर दिया गया है। रात्रि में हम वैकल्पिक रास्ते को शुरू नहीं कर सकते हैं। जिनको भी भागलुपर आना हो वे मुंगेर की तरफ से आ जा सकते हैं। हम वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढ रहे हैं।”
गौरतलब कर दूं कि इस घटना के कारण उत्तरी बिहार से भागलपुर, मुंगेर, कहलगांव, बांका, जमुई, हंसडीहा, बटेश्वरधाम, देवघर और बासुकीनाथ जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने निवेदन किया है जो भी लोग इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं वे कृपया तुरंत अपना रास्ता बदल लें और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।





