
हवेली खड़गपुर नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रभु शंकर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नगरपालिका आम निर्वाचन 2022 से जुड़े एक मामले में नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने और गलत जानकारी देने के आरोप में उनके खिलाफ हवेली खड़गपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश और जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विशाल मोहन के आवेदन पर शुक्रवार देर रात मुख्य पार्षद प्रभु शंकर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कांड संख्या 200/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आयोग की समीक्षा में सामने आईं अनियमितताएं
जानकारी के अनुसार, नगरपालिका आम निर्वाचन 2022 से संबंधित एक शिकायत पर राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार ने मामले की समीक्षा की थी। आयोग ने जिला प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी, जिसमें सामने आया कि मुख्य पार्षद प्रभु शंकर ने नामांकन के समय अपने शपथ पत्र और नाम निर्देशन पत्र में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा नहीं किया था।
जिला प्रशासन ने मामले की समीक्षा के बाद बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-447 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की। इसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने थाने को पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया।
पूर्व प्रत्याशी की शिकायत से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला नगर परिषद क्षेत्र के मुलुकटांड़ वार्ड संख्या-22 की निवासी और पूर्व प्रत्याशी मनीषा कुमारी द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है। जिसमें शिकायत में कई आरोप लगाया गया था।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराई गई समीक्षा में भी यह तथ्य सामने आया कि नामांकन पत्र में सभी आवश्यक जानकारियां प्रस्तुत नहीं की गई थीं। इसके बाद आयोग ने जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी, मुंगेर को मामले की समुचित जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कार्रवाई प्रशासनिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद मुख्य पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने थाने में आवेदन दिया, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
हवेली खड़गपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी विशाल मोहन के आवेदन पर मुख्य पार्षद प्रभु शंकर के खिलाफ नाम निर्देशन पत्र में तथ्य छिपाने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए संबंधित पुलिस पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नगर परिषद की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस घटनाक्रम के बाद हवेली खड़गपुर नगर परिषद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का दौर जारी है।



